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Kavyansh aashi ka romance ❤️❤️

तुम ना सच में बिल्कुल पागल हो,आशी की बात सुन कर काव्यांश अपना सिर पीटते हुए कहा..

नाराज तो में तुमसे अभी भी हु, तुम बोल नहीं सकते थे क्या मुझे, इतना बोल कर आशी अपना मुंह बना लेती है जिससे उसके होंठो का cute सा पाउट बन जाता हैं।

काव्यांश उसके हाथ को पकड़ कर उसे अपने करीब कर के उसे बैक hug कर लेता है, ओर अपना चेहरा उसके कंधे पर रख लेता हैं।

मैने सोचा कि शायद तुम्हें वैसे कपड़े पहनने पसंद है इस लिए तुमने पहने होंगे और वैसे भी तुम्हे नहीं पता तुम्हें उस वक्त ऐसी हालत में देख कर मेरा क्या हाल हो रहा था। कितनी मुश्किल से मैने अपने आप को शांत किया था, ये सब बोलते हुए काव्यांश के होंठ आशी की इयरलॉब को टच हो रहे थे।

काव्यांश की इतनी deep voice सुन कर आशी को अपनी धड़कने बढ़ती हुई महसूस हो रही थी.. इस वक्त उसे ऐसा लग रहा था जैसे कि उसके शरीर से उसकी जान निकल रही हो!!

"काव्यांश के ठंडे हाथ उसकी कमर को मजबूती से पकड़ रखे थे जिससे आशी कोलग रहा था कि उसके पेट में तितलियां उड़ रही हो।

आह छोड़ो मुझे, इतना बोल कर आशी काव्यांश से दूर होने की कोशिश करती है लेकिन वो काव्यांश के हाथ को हिला भी नहीं पाती।

काव्यांश एक झटके में आशी को दीवार से लगा देता है, उसकी इंटेंस नजरें आशी के होंठो पर थी जो फड़फड़ा रहे थे.. वो बिना एक भी पल गवाएं आशी के ठंडे होंठो पर अपने तपते होंठ रख कर बेतहाशा चूमने लगता हैं।

काव्यांश के इस action से आशी की आँखें बड़ी हो जाती है वो काव्यांश को अपने से दूर करने की कोशिश करती है लेकिन वो उसे एक इंच भी नहीं हिला पाती.. "वो कोशिश करते करते थक गई थी लेकिन काव्यांश उसे एक इंच भी दूर नहीं कर पाती।

फिर उसकी आँखें अपने आप ही बंद हो जाती है, वो अपने होंठो पर काव्यांश के होंठ महसूस करने लगती हैं। काव्यांश बहुत ही पेसिनेट तरीके से उसे चूमे जा रहा था. "जब उसे महसूस होता है कि आशी को सांस लेने में प्रॉब्लम हो रही है तो वो आशी से दूर हो जाता हैं।

तुम ना सच में बिल्कुल पागल हो,आशी की बात सुन कर काव्यांश अपना सिर पीटते हुए कहा.. नाराज तो में तुमसे अभी भी हु, तुम बोल नहीं सकते थे क्या मुझे, इतना बोल कर आशी अपना मुंह बना लेती है जिससे उसके होंठो का cute सा पाउट बन जाता हैं।

काव्यांश उसके हाथ को पकड़ कर उसे अपने करीब कर के उसे बैक hug कर लेता है, ओर अपना चेहरा उसके कंधे पर रख लेता हैं। मैने सोचा कि शायद तुम्हें वैसे कपड़े पहनने पसंद है इस लिए तुमने पहने होंगे और वैसे भी तुम्हे नहीं पता तुम्हें उस वक्त ऐसी हालत में देख कर मेरा क्या हाल हो रहा था।

कितनी मुश्किल से मैने अपने आप को शांत किया था, ये सब बोलते हुए काव्यांश के होंठ आशी की इयरलॉब को टच हो रहे थे।

काव्यांश की इतनी deep voice सुन कर आशी को अपनी धड़कने बढ़ती हुई महसूस हो रही थी.. इस वक्त उसे ऐसा लग रहा था जैसे कि उसके शरीर से उसकी जान निकल रही हो!!

"काव्यांश के ठंडे हाथ उसकी कमर को मजबूती से पकड़ रखे थे जिससे आशी कोलग रहा था कि उसके पेट में तितलियां उड़ रही हो।

आह छोड़ो मुझे, इतना बोल कर आशी काव्यांश से दूर होने की कोशिश करती है लेकिन वो काव्यांश के हाथ को हिला भी नहीं पाती।

काव्यांश एक झटके में आशी को दीवार से लगा देता है, उसकी इंटेंस नजरें आशी के होंठो पर थी जो फड़फड़ा रहे थे.. वो बिना एक भी पल गवाएं आशी के ठंडे होंठो पर अपने तपते होंठ रख कर बेतहाशा चूमने लगता हैं।

काव्यांश के इस action से आशी की आँखें बड़ी हो जाती है वो काव्यांश को अपने से दूर करने की कोशिश करती है लेकिन वो उसे एक इंच भी नहीं हिला पाती.. "वो कोशिश करते करते थक गई थी लेकिन काव्यांश उसे एक इंच भी दूर नहीं कर पाती।

फिर उसकी आँखें अपने आप ही बंद हो जाती है, वो अपने होंठो पर काव्यांश के होंठ महसूस करने लगती हैं। काव्यांश बहुत ही पेसिनेट तरीके से उसे चूमे जा रहा था. "जब उसे महसूस होता है कि आशी को सांस लेने में प्रॉब्लम हो रही है तो वो आशी से दूर हो जाता हैं।

उन दोनों की सांसे इस वक्त गहरी गहरी चल रही थी, आशी के जोर ज़ोर से सांस लेने से उसकी चेस्ट ऊपर नीचे हो रही थी जिसे देख कर काव्यांश को अपना कंट्रोल खोता हुआ महसूस हुआ।

फिर वो आशी को फिर से उसकी कमर से पकड़ कर अपने करीब करता है और उसे चूमने लगता है, इस बार वो उसे चूमते चूमते अपने केबिन में बने एक secret room में ले जाता है और गेट बंद करके उसे गेट से सटा देता है।

उसने आशी को अपने आप से दूर नहीं किया था वो बड़े ही पैशन के साथ उसे चूम रहा था, आशी भी काव्यांश का साथ दे रही थीं।

अब धीरे धीरे काव्यांश के हाथ आशी की पीठ से होते हुए उसके बिलाउस की डोरी तक पहुंच जाते है और वो एक झटके में ब्लाउज की डोरी को खोल देता हैं।

ब्लाउज की डोरी खुलने से आशी का ब्लाउज खुल कर नीचे सरक जाता है, आशी के हाथ भी लगातार काव्यांश के बालों में चल रहे थे!

काव्यांश उसे किस करते करते बेड पर ले आता है और बेड पर गिरा देता है फिर वो अपना ब्लेजर निकाल कर साइड में फेंक देता हैं।

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