
मॉल में,
निष्ठा ने अपनी आँखें बंद कर ली थीं, जब उसे महसूस होता है कि वो नीचे नहीं गिरी है तो वो अपनी आँखें खोल कर देखती है, और जैसे ही वो आँखें खोलती है तो अपने सामने खड़े सख्श को देख कर निष्ठा की हार्टबीट बढ़ जाती हैं।
वो उसकी आंखों में देख रही थी, वेद भी उसकी आंखों में देखे जा रहा था वो भी बिना किसी इमोशन के। कुछ देर ऐसे ही देखने के बाद वेद उसे खड़ा करता है." thank you मुझे गिरने से बचाने के लिए और oh i am really sorry मैने देखा नहीं था, इतना बोल कर निष्ठा चुप हो जाती हैं।
वेद निष्ठा को एक नजर देखता है फिर बीमा कुछ बोले उसे Ignore करके वहां से चला जाता हैं।
ये समझता क्या है अपने आप को, ऐसे कैसे मुझे इग्नोर कर सकता हैं। पैसे वाला है तो कुछ भी करेगा क्या, अरे भई मेरे भी कुछ इज्जत है।
अपने आप को ऐसे ignore होते देख निष्ठा को गुस्सा बहुत आता है वो उसे बहुत कुछ सुनाना चाहती थी लेकिन वेद की Personality ही कुछ ऐसी थी कि निष्ठा उसे कुछ बोल ही नहीं पाई।
फिर वो वहां से आशी और ईशा के पास चली जाती है, निष्ठा क्या हुआ तुझे तू इतने गुस्से में क्यों है उन दोनों ने निष्ठा को देखते हुए कहा।
कुछ नहीं यार एक पागल से टकरा गई थी तो बस इसी लिए मेरा mood खराब हो गया, ये सब बोलते हुए वो अजीब अजीब से मुंह बना रही थी।
आशी और ईशा उसे एक नजर देखती है फिर वो खाना खाने लगती हैं।
कुछ देर बाद उन्होंने खाना finish कर लिया था, और वो अपने अपने घर के लिए निकल जाती हैं।
खुराना मेंशन,
जैसे ही आशी घर के अंदर एंटर करती है तो कोई उसे पीछे से आ कर हग कर लेता है, किसे के ऐसे अचानक hug करने से आशी थोड़ा डर जाती है जिसकी वजह से उसे मुंह से एक चीख निकल जाती हैं।
अरे चुप हो जा मेरी मां इतनी जोर से क्यों चिल्ला रही है तू, उस सख्श ने आशी के मुंह को बंद करते हुए कहा।
आशी जैसे ही उस सख्श की आवाज सुनती है तो वो तुरंत पहचान जाती है कि उसके पीछे कौन है।
आशी उस सख्श के हाथ को हटाने के लिए अपना चेहरा इधर उधर करने लगती है , फिर जैसे ही उस सख्श ने आशी के मुंह से अपना हाथ हटाया वैसे ही आशी जोर से चिल्लाते हुए उसको hug कर लेती है ।।
Aaaaaaaa riyaaaaa.... कब आई तू, इतना बोलते हुए आशी बहुत ही ज्यादा happy लग रही थी।
तू मुझे छोड़ेगी तब बताऊंगी ना, रिया ने अपने आप को आशी से दूर करते हुए कहा।
तू इतना कब से बदल गई जो मुझे तुझे hug भी नहीं करने दे रही, आशी ने रिया को घूरते हुए कहा।
अरे यार तू अपने पति से चिपका कर अब, मुझ से नहीं। रिया की बात सुन कर आशी अपना मुंह फूला लेती हैं.
आशी बेटा जल्दी से ready हो जाओ, रावण दहन देखने भी जाना है ना दादी मां ने वहां पर आते हुए कहा।
अरे हा, आप भी रेडी हो जाओ दादी मां और तू भी चल रेडी हो जा आशी ने रिया का हाथ पकड़ कर खींचते हुए कहा।
कहा ले कर जा रही है तू मुझे अपने साथ. "रिया की बात सुन कर आशी झेप जाती है, मारने नहीं ले जा रही तेरे को में, अपने साथ ले जा रही हु अपने रूम में रेडी होने।
Ready नहीं होगी क्या तू में तुझे अपने कपड़े दे दूंगी वो पहन लेना।
ओह hello मैडम तूने मुझे ऐसे ही समझा है क्या, अपने कपड़े अपने साथ लाई हु में और हा तेरे इस घर में मेरा खुद का कमरा है जो दादी मां ने मुझे दिया है तो भला में क्यों जाऊ तेरे साथ, रिया ने बड़े attitude से कहा।
Kya कहा तूने तेरा कमरा, ये कब हुआ आशी ने चौंकते हुए पूछा।
जब फ्री टाइम होगा तब बताऊंगी पहले तू रेडी हो जा लेट हो रहे है, इतना बोल कर रिया अपने रूम की तरफ चली जाती हैं।
आशी भी अपना सिर झटक कर अपने रूम में चली जाती हैं।
कुछ देर बाद,
आशी रेडी हो गई थी और काव्यांश भी आ गया था ऑफिस से ।
आशी ने बैंगनी शूट पहन रखा था और काव्यांश ने भी उसी की मैचिंग का कुर्ता और white पजामा पहन रखा था ।




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